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गुरु नानक जयंती पर भाषण 2026: बच्चों के लिए 1 मिनट और 3 मिनट का आसान भाषण

गुरु नानक जयंती (24 नवंबर 2026) पर स्कूल के बच्चों के लिए 1 मिनट और 3 मिनट का भाषण, 10 लाइनें और बोलने के आसान टिप्स — कॉपी करें या PDF सेव करें।

अपडेट: 5 मिनट में पढ़ें 4 भाषण और हिस्से लेखक:

कक्षा: 1–8बोलने का समय: 3 मिनट

इस साल गुरु नानक जयंती मंगलवार, 24 नवंबर 2026 को कार्तिक पूर्णिमा के दिन मनाई जाएगी। यह गुरु नानक देव जी का 557वां प्रकाश पर्व है (वे 1469 में जन्मे थे)। नीचे छोटे बच्चों के लिए 1 मिनट का भाषण, बड़ी कक्षाओं के लिए 3 मिनट का भाषण और 10 आसान लाइनें दी गई हैं।

1 मिनट का भाषण (कक्षा 1 से 3)

आदरणीय प्रधानाचार्य जी, सभी शिक्षकगण और मेरे प्यारे दोस्तों, आप सभी को गुरु नानक जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं।

आज मैं गुरु नानक देव जी के बारे में कुछ बातें बताना चाहता/चाहती हूँ। गुरु नानक देव जी सिखों के पहले गुरु थे। उनका जन्म 1469 में तलवंडी गाँव में हुआ था, जिसे आज ननकाना साहिब कहते हैं।

गुरु जी ने हमें तीन बातें सिखाईं — भगवान का नाम याद करो, ईमानदारी से मेहनत करो और जो भी है उसे दूसरों के साथ बाँटकर खाओ। वे कहते थे कि सब इंसान बराबर हैं। इसीलिए गुरुद्वारे में लंगर होता है, जहाँ सब एक साथ बैठकर खाना खाते हैं।

आइए, हम भी सच बोलें, मेहनत करें और सबकी मदद करें। धन्यवाद!

3 मिनट का भाषण (कक्षा 4 से 8)

आदरणीय प्रधानाचार्य जी, सम्मानित शिक्षकगण और मेरे प्यारे साथियों, आप सभी को गुरु नानक जयंती और प्रकाश पर्व की लख-लख बधाइयाँ।

आज हम उस महान गुरु को याद करने के लिए इकट्ठा हुए हैं, जिन्होंने पूरी दुनिया को प्रेम, बराबरी और सेवा का रास्ता दिखाया — श्री गुरु नानक देव जी। उनका जन्म सन् 1469 में राय भोई की तलवंडी में हुआ था, जो आज पाकिस्तान में ननकाना साहिब के नाम से जानी जाती है। उनके पिता का नाम मेहता कालू जी और माता का नाम माता तृप्ता जी था। उनकी बड़ी बहन बेबे नानकी जी ने सबसे पहले उनकी महानता को पहचाना।

बचपन से ही नानक जी बाकी बच्चों से अलग थे। एक बार उनके पिता ने उन्हें कुछ पैसे देकर कहा कि जाओ, कोई अच्छा सौदा करके आओ। रास्ते में उन्हें भूखे साधु मिले। नानक जी ने उन सारे पैसों से उनके लिए भोजन खरीद लिया और घर आकर कहा कि मैंने “सच्चा सौदा” किया है। भूखे को खाना खिलाने से बड़ा कोई सौदा नहीं।

गुरु नानक देव जी ने “इक ओंकार” का संदेश दिया, यानी ईश्वर एक है और वह हर किसी में है। उन्होंने जीवन के तीन नियम बताए — नाम जपो, यानी ईश्वर को याद रखो; किरत करो, यानी ईमानदारी की कमाई करो; और वंड छको, यानी अपनी कमाई दूसरों के साथ बाँटो। उन्होंने ऊँच-नीच और भेदभाव का विरोध किया। लंगर की परंपरा, जहाँ राजा और गरीब एक ही पंक्ति में बैठकर खाते हैं, इसी सोच से जुड़ी है।

अपने साथी भाई मर्दाना जी के साथ उन्होंने पैदल दूर-दूर तक यात्राएँ कीं, जिन्हें उदासियाँ कहा जाता है। वे जहाँ भी गए, लोगों को प्रेम और सच्चाई का संदेश दिया। जीवन के आखिरी साल उन्होंने करतारपुर में खेती करते हुए बिताए और दिखाया कि मेहनत की कमाई ही सबसे पवित्र है।

दोस्तों, गुरु नानक जयंती पर गुरुद्वारों में प्रभात फेरी, नगर कीर्तन, अखंड पाठ और लंगर होते हैं। पर गुरु जी को सच्ची श्रद्धांजलि तब होगी, जब हम उनकी बातें अपने जीवन में उतारें — सच बोलें, किसी से भेदभाव न करें, मेहनत करें और ज़रूरतमंद की मदद करें।

इन्हीं शब्दों के साथ मैं अपनी बात खत्म करता/करती हूँ। वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतह! धन्यवाद।

गुरु नानक देव जी पर 10 लाइनें

  1. गुरु नानक देव जी सिखों के पहले गुरु थे।
  2. उनका जन्म 1469 में तलवंडी में हुआ, जिसे आज ननकाना साहिब कहते हैं।
  3. उनके पिता मेहता कालू जी और माता तृप्ता जी थीं।
  4. उनकी बहन का नाम बेबे नानकी जी था।
  5. उन्होंने “इक ओंकार” का संदेश दिया — ईश्वर एक है।
  6. उनके तीन नियम थे — नाम जपो, किरत करो और वंड छको।
  7. उन्होंने सिखाया कि सभी इंसान बराबर हैं।
  8. भाई मर्दाना जी के साथ उन्होंने लंबी यात्राएँ कीं, जिन्हें उदासियाँ कहते हैं।
  9. गुरु नानक जयंती हर साल कार्तिक पूर्णिमा को प्रकाश पर्व के रूप में मनाई जाती है।
  10. इस दिन गुरुद्वारों में कीर्तन, अखंड पाठ और लंगर होता है।

शुरुआत की एक छोटी लाइन (एंकर या पहले वक्ता के लिए)

सच्चाई की राह, मेहनत की कमाई और बाँटकर खाने की सीख देने वाले गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर आप सभी का हार्दिक स्वागत है।

भाषण देने के आसान टिप्स

  • भाषण को 3–4 बार ज़ोर से पढ़कर याद करें; हर हिस्से की पहली लाइन याद रहे तो बाकी अपने-आप याद आ जाता है।
  • मंच पर धीरे बोलें। 1 मिनट वाला भाषण करीब 120 शब्द का है, 3 मिनट वाला करीब 360 शब्द का।
  • “सच्चा सौदा” वाली कहानी सुनाते समय थोड़ा रुकें — बच्चों को कहानी सबसे ज़्यादा याद रहती है।
  • लड़कियाँ “चाहता/करता” की जगह “चाहती/करती” बोलें।
  • आखिरी लाइन पूरे आत्मविश्वास से बोलें और मुस्कुराकर धन्यवाद कहें।

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