🇮🇳 राष्ट्रीय पर्व पर भाषण

26 जनवरी पर भाषण 2027: कक्षा 3, 4 और 5 के लिए 1 मिनट और 2 मिनट का भाषण

78वें गणतंत्र दिवस (26 जनवरी 2027) के लिए कक्षा 3 से 5 के बच्चों के 1 मिनट के दो भाषण, 2 मिनट का भाषण, 10 लाइनें और तिरंगे पर 4 लाइनें — कॉपी करें या PDF सेव करें।

अपडेट: 5 मिनट में पढ़ें 5 भाषण और हिस्से लेखक:

कक्षा: 3–5बोलने का समय: 2 मिनट

गणतंत्र दिवस मंगलवार, 26 जनवरी 2027 को है और यह हमारा 78वां गणतंत्र दिवस होगा। यहाँ कक्षा 3, 4 और 5 के बच्चों के लिए 1 मिनट के दो अलग भाषण, 2 मिनट का एक भाषण, 10 लाइनें और तिरंगे पर 4 छोटी लाइनें हैं, जिन्हें भाषण के आखिर में बोला जा सकता है।

1 मिनट का भाषण: 26 जनवरी ही क्यों? (कक्षा 3)

आदरणीय प्रधानाचार्य जी, सभी शिक्षकगण और मेरे प्यारे दोस्तों, आप सभी को 78वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

क्या आप जानते हैं कि हम 26 जनवरी को ही गणतंत्र दिवस क्यों मनाते हैं? सन् 1930 में इसी तारीख को देश के लोगों ने पूर्ण स्वराज का संकल्प लिया था, यानी पूरी आज़ादी पाने का पक्का इरादा। इसीलिए जब हमारा संविधान तैयार हुआ, तो उसे 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया। उसी दिन भारत एक गणतंत्र बना। गणतंत्र का मतलब है ऐसा देश, जहाँ कोई राजा नहीं होता, बल्कि जनता के चुने हुए लोग देश चलाते हैं।

आज हम तिरंगे को सलामी देते हैं और राष्ट्रगान “जन गण मन” गाते हैं। आइए, हम वादा करें कि हम अच्छे नागरिक बनेंगे।

धन्यवाद! जय हिंद! जय भारत!

1 मिनट का भाषण: संविधान और बराबरी (कक्षा 4–5)

सुप्रभात! आदरणीय अतिथिगण, प्रधानाचार्य जी, शिक्षक-शिक्षिकाएँ और मेरे सभी साथियों।

आज सुबह जब हमारे स्कूल में तिरंगा लहराया, तो मन खुशी से भर गया। 26 जनवरी हमें याद दिलाती है कि हमारा देश संविधान से चलता है। संविधान की प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर थे। हमारा संविधान दुनिया का सबसे लंबा लिखित संविधान माना जाता है।

संविधान कहता है कि अमीर हो या गरीब, लड़का हो या लड़की, हम सब बराबर हैं। यह हमें अधिकार भी देता है और कर्तव्य भी सिखाता है। हमारा कर्तव्य है कि हम नियम मानें, स्कूल और सड़क की चीज़ों को नुकसान न पहुँचाएँ और सबका सम्मान करें।

धन्यवाद! जय हिंद! जय भारत!

2 मिनट का भाषण (कक्षा 3 से 5)

सुप्रभात! आदरणीय प्रधानाचार्य जी, सभी शिक्षकगण और मेरे प्यारे दोस्तों, आप सभी को गणतंत्र दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएं।

पिछली 26 जनवरी को मैंने घर पर टीवी में दिल्ली की परेड देखी थी। कर्तव्य पथ पर राष्ट्रपति जी ने तिरंगा फहराया। फिर सैनिक एक साथ कदम मिलाकर चले और अलग-अलग राज्यों की सुंदर झाँकियाँ निकलीं। तब मेरे मन में सवाल आया — यह दिन इतना खास क्यों है?

मेरी टीचर ने बताया कि 15 अगस्त 1947 को हमें आज़ादी तो मिल गई थी, पर देश चलाने के लिए हमें अपने नियम चाहिए थे। इसके लिए संविधान सभा ने मिलकर हमारा संविधान तैयार किया। इसकी प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर थे। संविधान सभा ने इसे 26 नवंबर 1949 को अपनाया और 26 जनवरी 1950 को यह पूरे देश में लागू हुआ। उसी दिन डॉ. राजेंद्र प्रसाद हमारे पहले राष्ट्रपति बने।

26 जनवरी की तारीख इसलिए चुनी गई, क्योंकि 1930 में इसी दिन देशवासियों ने पूर्ण स्वराज का संकल्प लिया था। हमारा संविधान दुनिया का सबसे लंबा लिखित संविधान माना जाता है, और यह हम सबको बराबर मानता है।

दोस्तों, देश के लिए अच्छा काम करने के लिए बड़ा होना ज़रूरी नहीं। हम अभी से अपनी कक्षा साफ रख सकते हैं, पानी और बिजली बचा सकते हैं, सबसे प्यार से बात कर सकते हैं और मन लगाकर पढ़ सकते हैं। यही हमारी तरफ़ से देश को सबसे सुंदर तोहफ़ा होगा।

इन्हीं शब्दों के साथ मैं अपनी बात खत्म करता/करती हूँ। धन्यवाद! जय हिंद! जय भारत!

गणतंत्र दिवस पर 10 लाइनें (कक्षा 3 से 5)

  1. भारत में हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है।
  2. 26 जनवरी 2027 को हम 78वां गणतंत्र दिवस मनाएंगे।
  3. संविधान सभा ने 26 नवंबर 1949 को हमारा संविधान अपनाया था।
  4. यह संविधान 26 जनवरी 1950 को पूरे देश में लागू हुआ।
  5. 1930 में इसी दिन पूर्ण स्वराज का संकल्प लिया गया था, इसलिए यह तारीख चुनी गई।
  6. संविधान की प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर थे।
  7. डॉ. राजेंद्र प्रसाद भारत के पहले राष्ट्रपति बने।
  8. हमारा संविधान दुनिया का सबसे लंबा लिखित संविधान माना जाता है।
  9. नई दिल्ली में कर्तव्य पथ पर परेड होती है और राष्ट्रपति तिरंगा फहराते हैं।
  10. यह दिन हमें अपने अधिकार जानने और कर्तव्य निभाने की याद दिलाता है।

तिरंगे के लिए 4 लाइनें (भाषण के आखिर में बोलें)

केसरिया कहता है हमसे, हिम्मत से आगे बढ़ना,
सफेद सिखाता सच की राह पर, सबसे मिलकर चलना,
हरा कहे इस धरती को हरा-भरा रखना है,
चक्र कहे रुकना मत साथी, हरदम चलते रहना है।

भाषण देने के आसान टिप्स

  • पहले भाषण को 3–4 बार ज़ोर से पढ़ें, फिर हर हिस्से की पहली लाइन याद करें; बाकी अपने-आप याद आने लगता है।
  • मंच पर सीधे खड़े हों, कंधे ढीले रखें और माइक से थोड़ा दूर रहें। कागज़ हाथ में हो तो उसे सीने के पास पकड़ें।
  • धीरे और साफ बोलें। 1 मिनट वाला भाषण करीब 120 शब्द का है और 2 मिनट वाला करीब 240 शब्द का।
  • “26 जनवरी ही क्यों?” जैसा सवाल पूछकर एक पल रुकें — सुनने वाले ध्यान से सुनने लगते हैं।
  • तारीखें (26 नवंबर 1949, 26 जनवरी 1950) थोड़ा ज़ोर देकर बोलें, यही सबसे ज़्यादा याद रहती हैं।
  • लड़कियाँ “करता” की जगह “करती” बोलें। तिरंगे वाली 4 लाइनें बोलते समय हाथ से तीनों रंगों की ओर इशारा कर सकते हैं।

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