बाल दिवस पर भाषण 2026: 1 मिनट, 3 मिनट, शिक्षक का भाषण और 10 लाइनें
बाल दिवस (शनिवार, 14 नवंबर 2026) पर बच्चों के लिए 1 और 3 मिनट का भाषण, शिक्षक का भाषण, चाचा नेहरू पर 10 लाइनें और मंच पर बोलने के आसान टिप्स।
अपडेट: 7 मिनट में पढ़ें 5 भाषण और हिस्से लेखक: शब्द दीप
कक्षा: 1–8बोलने का समय: 3 मिनट 15 सेकंड
इस साल बाल दिवस शनिवार, 14 नवंबर 2026 को है। यह दिन देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिन पर मनाया जाता है। जिन स्कूलों में शनिवार की छुट्टी रहती है, वहाँ कार्यक्रम एक दिन पहले भी हो सकता है। नीचे छोटी कक्षाओं के लिए 1 मिनट का भाषण, बड़ी कक्षाओं के लिए 3 मिनट का भाषण, शिक्षकों के लिए एक भाषण और 10 आसान लाइनें दी गई हैं।
1 मिनट का भाषण (कक्षा 1 से 3)
आदरणीय प्रधानाचार्य जी, सभी शिक्षकगण और मेरे प्यारे दोस्तों, आप सभी को बाल दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।
हर साल 14 नवंबर को हम बाल दिवस मनाते हैं। इसी दिन हमारे देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू जी का जन्म हुआ था। उनका जन्म 14 नवंबर 1889 को इलाहाबाद में हुआ था, जिसे आज प्रयागराज कहते हैं।
नेहरू जी बच्चों से बहुत प्यार करते थे। बच्चे भी उन्हें प्यार से “चाचा नेहरू” कहते थे। वे अपने कोट पर अक्सर एक लाल गुलाब लगाते थे। उनका मानना था कि आज के बच्चे ही कल का भारत बनाएंगे।
इसीलिए उनके जन्मदिन को हम बाल दिवस के रूप में मनाते हैं। आइए, हम मन लगाकर पढ़ें, खूब खेलें, सच बोलें और अच्छे इंसान बनें। धन्यवाद! जय हिंद!
3 मिनट का भाषण (कक्षा 4 से 8)
आदरणीय प्रधानाचार्य जी, सम्मानित शिक्षकगण और मेरे प्यारे साथियों, आप सभी को बाल दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएं।
आज का दिन हम बच्चों का अपना दिन है। हर साल 14 नवंबर को पूरे भारत में बाल दिवस मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू जी का जन्म हुआ था। उनका जन्म 14 नवंबर 1889 को इलाहाबाद में हुआ, जिसे आज प्रयागराज कहा जाता है। उनके पिता मोतीलाल नेहरू जी एक जाने-माने वकील थे और माता का नाम स्वरूप रानी जी था।
नेहरू जी ने इंग्लैंड में पढ़ाई की और वकील बनकर भारत लौटे। उस समय हमारा देश अंग्रेज़ों का गुलाम था। महात्मा गांधी जी के साथ मिलकर वे आज़ादी की लड़ाई में कूद पड़े और इस लड़ाई में कई बार जेल गए। जेल में भी वे खाली नहीं बैठे, उन्होंने वहाँ किताबें लिखीं। उनकी किताब “भारत एक खोज” में हमारे देश के लंबे इतिहास की कहानी है। उन्होंने अपनी बेटी इंदिरा को कई चिट्ठियाँ भी लिखीं, जिनमें धरती, प्रकृति और पुरानी सभ्यताओं की बातें बड़े आसान तरीके से समझाई गई थीं।
1947 में जब भारत आज़ाद हुआ, तो नेहरू जी देश के पहले प्रधानमंत्री बने और 1964 तक इस पद पर रहे। उन्होंने पढ़ाई, विज्ञान और नए उद्योगों पर बहुत ज़ोर दिया, ताकि भारत अपने पैरों पर मज़बूती से खड़ा हो सके।
इतने बड़े नेता होकर भी नेहरू जी बच्चों के बीच बच्चे बन जाते थे। वे बच्चों से हँसकर बातें करते, उनके सवाल ध्यान से सुनते और उनके साथ समय बिताना उन्हें बहुत अच्छा लगता था। इसीलिए बच्चे उन्हें प्यार से “चाचा नेहरू” कहते थे। उनके कोट पर लगा लाल गुलाब आज भी उनकी पहचान है।
1964 में नेहरू जी के निधन के बाद उनके जन्मदिन को बाल दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। उससे पहले भारत में बाल दिवस 20 नवंबर को मनाया जाता था।
दोस्तों, बाल दिवस सिर्फ़ मिठाई, खेल और मस्ती का दिन नहीं है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि हर बच्चे को पढ़ने, खेलने, सुरक्षित रहने और प्यार पाने का हक़ है। आइए, आज हम वादा करें कि हम मन लगाकर पढ़ेंगे, बड़ों का आदर करेंगे और जो बच्चे स्कूल नहीं जा पाते, उनकी मदद करने की कोशिश करेंगे।
इन्हीं शब्दों के साथ मैं अपनी बात खत्म करता/करती हूँ। आप सभी को एक बार फिर बाल दिवस की शुभकामनाएं। धन्यवाद! जय हिंद!
बाल दिवस पर शिक्षक का भाषण
आदरणीय प्रधानाचार्य जी, मेरे साथी शिक्षकगण और मेरे प्यारे बच्चों, आप सभी को बाल दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
आज का दिन आपका है। साल भर आप हमारी बातें सुनते हैं, आज हम आपकी खुशी मनाने और आपकी बातें सुनने के लिए यहाँ इकट्ठा हुए हैं। 14 नवंबर को पंडित जवाहरलाल नेहरू जी का जन्मदिन होता है। वे बच्चों से इतना प्यार करते थे कि बच्चे उन्हें “चाचा नेहरू” कहने लगे। उनकी याद में यह दिन देश के हर बच्चे को समर्पित है।
एक शिक्षक के रूप में मैं रोज़ देखता/देखती हूँ कि आप में कितनी ताकत छुपी है। कोई सुंदर चित्र बनाता है, कोई बहुत अच्छा गाता है, कोई गणित के सवाल झट से हल कर देता है, तो कोई अपने दोस्त की मदद करने में सबसे आगे रहता है। हर बच्चा अपने आप में खास है। इसलिए किसी से अपनी तुलना करके कभी उदास मत होइए।
आज मैं आपको तीन छोटी बातें देना चाहता/चाहती हूँ। पहली, सवाल पूछने से कभी मत डरिए, क्योंकि जो पूछता है वही सीखता है। दूसरी, गलती होने पर घबराइए नहीं, गलती से ही सीखने का रास्ता खुलता है। तीसरी, दयालु बनिए। किसी को चिढ़ाने की जगह उसका हाथ थामिए।
और एक बात बहुत ज़रूरी है। अगर कभी कोई बात आपको डराए या परेशान करे, तो अपने माता-पिता या किसी शिक्षक को ज़रूर बताइए। हम हमेशा आपके साथ हैं।
हम सब शिक्षक भी आज आपसे वादा करते हैं कि हम आपकी बात ध्यान से सुनेंगे, आपको प्यार और धैर्य से पढ़ाएंगे और स्कूल में ऐसा माहौल बनाएंगे जहाँ हर बच्चा बेझिझक खिल सके।
आप सब ऐसे ही मुस्कुराते रहिए, सीखते रहिए और आगे बढ़ते रहिए। बाल दिवस की ढेरों शुभकामनाएं। धन्यवाद! जय हिंद!
बाल दिवस पर 10 लाइनें
- बाल दिवस हर साल 14 नवंबर को मनाया जाता है।
- इस दिन पंडित जवाहरलाल नेहरू जी का जन्मदिन होता है।
- नेहरू जी का जन्म 14 नवंबर 1889 को इलाहाबाद (आज का प्रयागराज) में हुआ था।
- वे आज़ाद भारत के पहले प्रधानमंत्री थे।
- नेहरू जी बच्चों से बहुत प्यार करते थे।
- बच्चे उन्हें प्यार से “चाचा नेहरू” कहते थे।
- उनके कोट पर लगा लाल गुलाब उनकी खास पहचान था।
- 1964 से भारत में उनका जन्मदिन बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है।
- इस दिन स्कूलों में खेल, गीत, नाटक और कई मज़ेदार कार्यक्रम होते हैं।
- बाल दिवस हमें याद दिलाता है कि हर बच्चे को पढ़ने, खेलने और खुश रहने का हक़ है।
शुरुआत की एक छोटी लाइन (एंकर या पहले वक्ता के लिए)
नन्ही मुस्कानों, बड़े सपनों और ढेर सारी उम्मीदों के इस खास दिन, बाल दिवस पर आप सभी का हमारे कार्यक्रम में दिल से स्वागत है।
भाषण कैसे दें: आसान टिप्स
- भाषण को 3–4 बार ज़ोर से पढ़कर अभ्यास करें। हर हिस्से की पहली लाइन याद हो तो बाकी अपने-आप याद आ जाता है।
- मंच पर धीरे और साफ़ बोलें। 1 मिनट वाला भाषण करीब 120 शब्द का है, 3 मिनट वाला करीब 380 शब्द का और शिक्षक वाला करीब 280 शब्द का।
- “चाचा नेहरू” और “लाल गुलाब” वाली बात पर थोड़ा रुककर मुस्कुराएं, सुनने वालों को यही हिस्सा सबसे ज़्यादा याद रहता है।
- लड़कियाँ “करता/चाहता” की जगह “करती/चाहती” बोलें। शिक्षक भी अपने हिसाब से “देखता/देखती” चुनें।
- चाहें तो कोट पर एक छोटा कागज़ का गुलाब लगाकर जाएं, इससे भाषण और यादगार बनेगा।
- आखिरी लाइन पूरे आत्मविश्वास से बोलें और मुस्कुराकर धन्यवाद कहें।